भारतीय मेहनती नहीं हैं, सिर्फ भौं...' सकते हैं।

भारतीय मेहनती नहीं हैं, सिर्फ भौं...' सकते हैं।

Score: 1 Votes: 3

Vote down Reasons

  • Better price elsewhere : 1
Shutterstock 1013504321
Deal Subedar
2
9
2598
25

बीजिंग.भारत में चीनी प्रोडक्ट्स के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे कैम्पेन से चीन भड़क गया है। विरोध में चीन का सरकारी मीडिया गाली-गलौज पर उतर आया है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, ‘भारतीय मेहनती नहीं हैं, सिर्फ भौं…’ सकते हैं। इंडियन प्रोडक्ट्स चाइनीज प्रोडक्ट्स के मुकाबले नहीं टिक सकते। दोनों देशों के बढ़ते ट्रेड डेफिसिट पर भी भारत कुछ नहीं कर सकता।’ अखबार ने और क्या लिखा…
- अखबार ने लिखा है- ‘पाकिस्तानी आतंकियों को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के भारत की कोशिशों के विरोध के चलते वे लोग नाराज हैं।’
- ‘सोशल मीडिया पर चीनी प्रोडक्ट्स के बायकॉट का कैम्पेन चल रहा है।’
- इतना ही नहीं, अखबार ने नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट को भी अव्यवहारिक करार दिया है।
- भारत-अमेरिका संबंधों पर भी अखबार ने लिखा है- ‘अमेरिका किसी का दोस्त नहीं है। सिर्फ चीन को घेरने के लिए अमेरिका भारत को दुलार रहा है।’
…तो हम वहां क्यों लगाएं कारखाने?
- अखबार ने लिखा है- ‘भारत के बजाए चीनी कंपनियां अपने ही देश में कारखाने लगाएं। भारत में बेचने के लिए चीनी प्रोडक्ट खरीदने को बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी हर हाल में यहीं आएंगे। वहां कारखाने लगाने में पैसा बर्बाद कर व्यवस्था क्यों बिगाड़ी जाए।’
भारत में न बिजली है- न पानी, तो वहां इन्वेस्टमेंट क्यों?
- अखबार ने चीनी कंपनियों को भारत में इन्वेस्टमेंट नहीं करने को उकसाया है।
- लिखा है- ‘भारत में बिजली-पानी की कमी है। लोग भी अधिक मेहनती नहीं। करप्शन ऊपर से नीचे तक फैला है। चीनी कंपनियों के लिए वहां इन्वेस्टमेंट आत्मघाती होगा।’
- ‘भारत के पास काफी पैसा है, लेकिन अधिकांश पैसा नेताओं, अफसरों और उनके कुछ करीबी बिजनेसमैन के पास है। ये लोग देश में अपना पैसा खर्च करना नहीं चाहते। इन्हीं वजहों से मेक इन इंडिया जैसी अव्यवहारिक स्कीम्स शुरू की गई हैं।’
बहिष्कार के बावजूद रिकॉर्ड सेल का किया था दावा
- इससे कुछ दिनों पहले ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था- ‘भारत में चीनी गुड्स के बायकॉट का कैम्पेन जारी है, लेकिन इसके बावजूद त्योहारी मौसम में भारत में चीनी माल की रिकॉर्ड सेल हुई है।’
- लेख के अनुसार, ‘भारत में दीवाली सबसे बड़ा खरीदारी मौसम है और हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्योहार भी है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया पर चीनी गुड्स के बायकॉट का कैम्पेन चलाया जा रहा है और कुछ नेता भी फैक्ट्स को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं। हालांकि भारतीय मीडिया द्वारा चीनी सामान का ’बुरा दिन’ आने की रिपोर्ट दिखाने के बावजूद भारत सरकार ने कभी भी चीनी प्रोडक्ट्स की आलोचना नहीं की है और वह पूरे देश में काफी पॉपुलर हैं।
- लेख के अनुसार, बायकॉट का यह कैम्पेन सफल नहीं हुआ है। चीनी प्रोडक्ट्स की अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड सेल हुई है। चीन की हैंडसेट कंपनी शियोमी ने फ्लिपकार्ट, ऐमजान इंडिया, स्नैपडील और टाटा क्लिक जैसे मंचों पर सिर्फ 3 दिन में 5 लाख फोन्स बेचे हैं।
रामदेव बोले थे- भारत से कमाकर चीन कर रहा पाक की मदद
- बाबा रामदेव ने बीते मंगलवार को एक मीडिया इवेंट में कहा था- ‘चीन भारत से पैसे कमा रहा है, लेकिन मदद पाकिस्तान की कर रहा है।’
- उन्होंने कहा था- ‘पतंजलि की एक यूनिट पाकिस्तान में भी खोलने की प्लानिंग है, लेकिन मेरा मकसद वहां से प्रॉफिट कमाना नहीं है बल्कि वहां से कमाए पैसे को मैं पाकिस्तान के लोगों के कल्याण पर ही खर्च करूंगा।’

https://cdn0.desidime.com/attachments/photos/274445/medium/3650362hqdefault.jpg?1480967828
At China

https://cdn2.desidime.com/assets/textile-editor/icon_toungueout.gif

  • In
8 Comments  |  
6 Dimers
Hypnotic gif 2
Deal Lieutenant
34
351
6302
60

They are 100% right.

Stupendous man
Deal Captain
0
287
8394
87

They are wrong about Indian workers are not laborious but they are right about infrastructure and most important corruption. They didn’t mention the red-tape and babudom that is the major hurdle for Indian businesses and entrepreneurship. Crowd funding is still a distant dream in India. SEBI has been ‘formulating’ the structure of crowd funding since 20 years or more now. That’s the speed of progress at ‘sarkari’ offices. Another major hurdle is until until the bureaucracy is not liable and accountable to it’s job, there would be no progress.

Shutterstock 1013504321
Deal Subedar
2
9
2598
25
@digyvijaykumar123 wrote:

Sad,but they are right. https://cdn1.desidime.com/assets/textile-editor/icon_sad.gif


लिखा है- ‘भारत में बिजली-पानी की कमी है। लोग भी अधिक मेहनती नहीं। करप्शन ऊपर से नीचे तक फैला है। चीनी कंपनियों के लिए वहां इन्वेस्टमेंट आत्मघाती होगा।’

ad bot
1
1
1
1
Ad Bot

I found this sponsored content on one of the ad networks.

Koala
Deal Cadet
1
186
388
8
@Alpha.Barood wrote:

@digyvijaykumar123 wrote:

Sad,but they are right. https://cdn1.desidime.com/assets/textile-editor/icon_sad.gif


U r part of that ?


Yes,i am part of corrupt India. But now i am trying to minimize my contribution for making India corrupt. Currently i can only see my part in corrupt India for ste*ling electricity(Bijli Ch*ri). Sad but true..

Shutterstock 1013504321
Deal Subedar
2
9
2598
25
@digyvijaykumar123 wrote:

@Alpha.Barood wrote:

@digyvijaykumar123 wrote:

Sad,but they are right. https://cdn1.desidime.com/assets/textile-editor/icon_sad.gif


U r part of that ?


Yes,i am part of corrupt India. But now i am trying to minimize my contribution for making India corrupt. Currently i can only see my part in corrupt India for ste*ling electricity(Bijli Ch*ri). Sad but true..


To the @bijali.dey61895 rs ki

Thumbimgcrop 1477985516594
Deal Captain
85
1,019
8277
84

Bahut bol rahe hai ye chinese kutte..

Missing